राजस्थान न्यूज: बाड़मेर में एक रेलवे अधिकारी को हनीट्रैप में फंसाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि दो युवतियों ने पहले उन्हें झांसे में लिया और फिर एक सुनसान मकान में बुलाकर बंधक बना लिया।
युवकों की मदद से न केवल उनके साथ मारपीट की गई, बल्कि जबरन अश्लील वीडियो भी बनाए गए। ब्लैकमेल करने के लिए 10 लाख रुपये की मांग की गई और उनकी पत्नी को भी वीडियो भेज दिया गया। फिलहाल, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवतियों को हिरासत में लिया है और मामले की जांच जारी है।
दरअसल, करीब दो महीने पहले रेलवे अधिकारी की पहचान एक लड़की से हुई थी, जिसने खुद को पलक (बदला हुआ नाम) बताया। दोनों के बीच फोन पर बातचीत शुरू हुई, जिसमें टिकट संबंधित जानकारी लेने का बहाना बनाया जाता था। कुछ दिन पहले, पलक ने एक अन्य लड़की से उनका परिचय कराया और उसका नंबर दिया।
सोमवार शाम को अधिकारी को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें खुद को रसिका (बदला हुआ नाम) बताने वाली लड़की ने उन्हें चामुंडा सर्किल पर बुलाया। अधिकारी के पहुंचते ही वह उन्हें स्कूटी पर बैठाकर एक सुनसान मकान में ले गई। वहां पहुंचने के बाद युवती लगातार किसी से फोन पर बात कर रही थी। तभी अचानक दो युवक वहां पहुंचे और अधिकारी के साथ मारपीट शुरू कर दी।
कपड़े उतार कर बनाए अश्लील वीडियो
हमलावरों ने अधिकारी को जबरन बंधक बना लिया, उनके कपड़े उतरवाए और अश्लील वीडियो बना लिए। फिर उन्हें धमकी दी गई कि अगर 10 लाख रुपये नहीं दिए गए तो यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, बदमाशों ने अधिकारी की पत्नी को भी कॉल कर ये वीडियो भेज दिए, ताकि परिवार पर जल्द से जल्द पैसे देने का दबाव बनाया जा सके। इसके बाद आरोपियों ने अधिकारी को सुनसान जगह पर छोड़ दिया।
घटना के बाद पीड़ित ने सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो युवतियों को हिरासत में ले लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की भारतीय अधिकारियों पर नजर
इस तरह के हनीट्रैप मामले न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय हैं। एक रेलवे अधिकारी, जो एक महत्वपूर्ण सरकारी पद पर कार्यरत है, का इस प्रकार जाल में फंसना उनके कर्तव्यों और सतर्कता पर सवाल खड़ा करता है। जब एक अनजान लड़की फोन पर संपर्क करती है और मिलने के लिए बुलाती है, तो बिना किसी जांच-पड़ताल के वहां पहुंच जाना एक बड़ी लापरवाही मानी जाएगी।
पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी या उनसे जुड़े सक्रिय गैंग भारतीय अधिकारियों को निशाना बनाते रहे हैं। इन गिरोहों का उद्देश्य महत्वपूर्ण सरकारी या सैन्य जानकारी प्राप्त करना होता है, जिससे देश की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इस मामले में भी गहराई से जांच होनी चाहिए कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं है। साथ ही, सरकारी पदों पर बैठे अधिकारियों को सतर्क रहने की जरूरत है ताकि वे ऐसे षड्यंत्रों का शिकार न बनें और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता न हो।
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