जोधपुर में नाबालिग से रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए 12 अगस्त तक की जमानत दे दी है। इसके चलते आसाराम 10 जुलाई को पड़ने वाली गुरु पूर्णिमा के दिन जेल से बाहर रहेगा। 2013 में गिरफ्तारी के बाद यह पहला मौका है जब वह इस पर्व पर जेल से बाहर रहेगा। हालांकि कोर्ट ने भक्तों से मिलने पर सख्त रोक लगा रखी है।
गौरतलब है कि इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने भी 3 जुलाई को सुनवाई में आसाराम को 30 दिन की राहत दी थी। राजस्थान हाईकोर्ट से 1 जुलाई को मिली आंशिक राहत के बाद वह जोधपुर आश्रम से निकलकर 7 जुलाई को अहमदाबाद स्थित मोटेरा आश्रम पहुंच गया था। अब नई तारीख मिलने के बाद उसका प्रवास वहीं जारी रहेगा।
कोर्ट ने जताई चिंता-
गुजरात हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि बार-बार अंतरिम जमानत देना एक अंतहीन प्रक्रिया न बन जाए। कोर्ट ने संकेत दिए कि अगली सुनवाई में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
मेडिकल आधार पर मिली राहत-
आसाराम के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उनकी उम्र 86 साल है और वे कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें 90 दिन की पंचकर्म थेरेपी की सलाह दी है। वकीलों ने यह भी कहा कि पिछली बार जमानत की प्रक्रिया में देरी के चलते उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिला।
वहीं, सरकारी वकील ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आसाराम एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल जा रहे हैं ताकि जेल से बाहर रह सकें। उन्होंने सुझाव दिया कि जोधपुर में भी एम्स और आयुर्वेदिक अस्पताल मौजूद हैं, जहां इलाज संभव है।
सुप्रीम कोर्ट की भी शर्तें-
सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2025 में भी आसाराम को मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत दी थी, लेकिन सख्त शर्तों के साथ कि वह अपने अनुयायियों से सार्वजनिक रूप से नहीं मिलेंगे और पुलिस की निगरानी में रहेंगे।
राजस्थान न्यूज: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी आसाराम को जुलाई तक जमानत


