दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के कर्तव्य पथ पर कर्तव्य भवन-03 का भव्य उद्घाटन किया। यह भवन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत तैयार की गई कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CSS) की पहली इमारत है। इस आधुनिक भवन का निर्माण विभिन्न मंत्रालयों को एक छत के नीचे लाने और प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
10 भवनों में पहला, बाकी भी जल्द होंगे तैयार-
कर्तव्य भवन-03, CSS के तहत प्रस्तावित 10 भवनों की श्रृंखला का पहला भवन है। इसका निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ था और यह अब पूर्ण रूप से तैयार है। सरकार के अनुसार, कर्तव्य भवन-01 और 02 अगले महीने तक बनकर तैयार हो जाएंगे, जबकि शेष 7 भवनों का निर्माण अगले 22 महीनों में पूरा किया जाएगा।
प्रशासनिक सुविधाओं से लैस आधुनिक भवन-
इस अत्याधुनिक भवन में ग्राउंड फ्लोर सहित कुल 7 मंजिलें हैं। भवन को 1.5 लाख वर्ग मीटर में विकसित किया गया है, जिसमें एक साथ 600 कारों की पार्किंग की व्यवस्था है। सुविधाओं में क्रेच (शिशुगृह), योग रूम, मेडिकल रूम, कैफे, किचन और मल्टीपर्पज हॉल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, भवन में 24 कॉन्फ्रेंस रूम हैं, जिनमें से प्रत्येक में 45 लोगों के बैठने की क्षमता है।
एक साथ काम करेंगे कई मंत्रालय-
कर्तव्य भवन-03 में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय और इंटेलिजेंस ब्यूरो जैसे प्रमुख विभागों के दफ्तर स्थापित किए गए हैं। इन मंत्रालयों को एक साथ लाने से बेहतर समन्वय और निर्णय लेने में तेजी आएगी।
पुरानी इमारतों की जगह नया समाधान-
वर्तमान में केंद्र सरकार के कई मंत्रालय शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन जैसी दशकों पुरानी इमारतों में कार्यरत हैं, जो अब संरचनात्मक रूप से कमजोर हो चुकी हैं। कर्तव्य भवनों की श्रृंखला इनकी जगह सुदृढ़ और आधुनिक विकल्प प्रदान करेगी।
एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव और PM आवास भी परियोजना का हिस्सा-
सेंट्रल विस्टा परियोजना के अगले चरणों में एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव का निर्माण होगा, जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कैबिनेट सचिवालय, इंडिया हाउस और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय की स्थापना होगी। इसके अलावा, एक नया प्रधानमंत्री आवास भी प्रस्तावित है।
सेंट्रल विस्टा: दिल्ली के दिल में नए भारत की झलक-
यह पूरा प्रोजेक्ट मोदी सरकार की “न्यू इंडिया” की सोच को धरातल पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत नया संसद भवन, उपराष्ट्रपति एन्क्लेव और कर्तव्य पथ का पुनर्विकास पहले ही किया जा चुका है।


