Monday, February 2, 2026
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चित्तौड़गढ़ से पर्यावरण संरक्षण की नई पहल, पौधों की होगी ईडी जैसी जांच

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चित्तौड़गढ़ से अब पौधारोपण कार्यक्रमों की वास्तविक स्थिति का जायजा एक बेहद सख्त और पारदर्शी व्यवस्था के तहत लिया जाएगा। राज्य सरकार ने पहली बार पौधों के मूल्यांकन के लिए त्रि-स्तरीय ऑडिट सिस्टम लागू किया है। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने सोमवार को चित्तौड़गढ़ दौरे के दौरान इस अहम निर्णय की जानकारी दी।

 ईडी-इनकम टैक्स की तर्ज पर होगी पौधों की जांच-

संजय शर्मा ने बताया कि अब निरीक्षण टीम को निरीक्षण स्थल की जानकारी एक बंद लिफाफे में दी जाएगी, ठीक उसी तरह जैसे ईडी या इनकम टैक्स की रेड होती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य है – पौधों की वास्तविक स्थिति को बिना किसी पूर्व सूचना के जांचना। राज्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी तय की जाएगी, और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

 तीन स्तर पर होगी ऑडिट, देश की प्रमुख संस्थाओं को जोड़ा गया-

सरकार ने पौधारोपण की निगरानी के लिए तीन प्रतिष्ठित संस्थानों को जोड़ा है, जो स्वतंत्र रूप से 300 से अधिक साइटों पर मूल्यांकन करेंगी-

  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट, भोपाल
  • सेंटर फॉर डेवलपमेंट कम्युनिकेशन एंड स्टडीज, जयपुर
  • एरिड फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, जोधपुर

इन संस्थानों की रिपोर्ट के आधार पर पौधों की वृद्धि, स्थिति और देखरेख की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी।

खेजड़ी नहीं काटी जा रही, सख्त कार्रवाई की चेतावनी-

मारवाड़ क्षेत्र में खेजड़ी काटे जाने की शिकायतों पर संजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य के किसी भी वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई नहीं की जा रही है। सोलर पैनल्स के लिए दी गई जमीन किसानों की स्वैच्छिक लीज पर आधारित है। यदि किसी ने पेड़ों को नुकसान पहुंचाया, तो वन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 पिछले साल से दोगुना हुआ पौधारोपण, इस बार 10 करोड़ का लक्ष्य-

पिछले वर्ष राजस्थान ने केंद्र के 3 करोड़ पौधों के लक्ष्य के मुकाबले 7 करोड़ 35 लाख पौधे लगाए थे। इस बार सरकार ने 10 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया है। अब तक 7 करोड़ 91 लाख पौधे रोपे जा चुके हैं, और इस संबंध में पूरी जानकारी हरियालो राजस्थान पोर्टल पर जियो टैगिंग फोटो सहित अपलोड की गई है।

 ‘लव कुश गार्डन’ परियोजना से संरक्षित होगी वन भूमि-

अवैध अतिक्रमण से वन भूमि को बचाने के लिए लव कुश गार्डन जैसी परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें से कई का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि कुछ निर्माणाधीन हैं।
इन गार्डन को भविष्य में पर्यटकों के लिए निःशुल्क खोले जाने की योजना है, हालांकि कुछ स्थलों पर नाममात्र प्रवेश शुल्क भी लिया जा सकता है।

 राजस्थान बनेगा पर्यावरण संरक्षण का मॉडल राज्य-

राज्यमंत्री संजय शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है राजस्थान को पर्यावरण सुरक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य बनाना। इसके लिए सभी विभागों को एकजुट होकर कार्य करना होगा, और आमजन को भी संरक्षण अभियान से जोड़ा जाएगा। उन्होंने अपील की कि हर नागरिक, संस्था और विभाग पर्यावरण की रक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझे।

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