Sunday, March 15, 2026
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राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बीएससी नर्सिंग काउंसलिंग पर रोक, NOC विवाद सुलझने तक स्थगित

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राजस्थान हाईकोर्ट ने बीएससी नर्सिंग कोर्स की काउंसलिंग प्रक्रिया पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने यह आदेश राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज (RUHS) की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

NOC से जुड़े विवाद के समाधान तक काउंसलिंग स्थगित-

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक नर्सिंग कॉलेजों के नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) से संबंधित विवादों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक काउंसलिंग आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। इस मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता नरेंद्र सिंह राजपुरोहित ने भी सहमति जताई कि काउंसलिंग तभी शुरू हो जब एनओसी से जुड़े सभी मामले सुलझ जाएं।

निजी कॉलेजों को नोटिस, सरकार को निर्देश-

हाईकोर्ट ने इस मामले में निजी नर्सिंग कॉलेजों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था प्राइवेट फिजियोथेरेपी, नर्सिंग और पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूशंस सोसाइटी, जोधपुर को नोटिस जारी किया है। साथ ही राजस्थान नर्सिंग काउंसिल और दीपशिखा कला संस्थान (रीजनल नर्सिंग कॉलेज, धामोतर) को भी पक्षकार बनाया गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि एनओसी से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए।

नर्सिंग शिक्षा में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप-

राजस्थान का नर्सिंग शिक्षा क्षेत्र लंबे समय से विवादों में रहा है। कई कॉलेजों पर बिना बिल्डिंग, फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट और गलत एनओसी के जरिए मान्यता प्राप्त करने के गंभीर आरोप लग चुके हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पहले भी चार नर्सिंग कॉलेजों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे। इनमें दुर्गा नर्सिंग कॉलेज का मामला सबसे बड़ा था। जिसे बिना बिल्डिंग के ही गलत एनओसी जारी कर दी गई थी।

रिश्वतखोरी के मामले-

मई 2022 में ACB ने राजस्थान नर्सिंग काउंसिल के कनिष्ठ सहायक नंदकिशोर शर्मा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। वह एक निजी कॉलेज संचालक से 1.90 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। यह रिश्वत कॉलेज की मान्यता बनाए रखने और निरीक्षण में नरमी बरतने के लिए ली जा रही थी।

RN नंबर न मिलने से छात्रों का भविष्य अधर में-

नर्सिंग पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्रों को रोजगार के लिए RN नंबर की जरूरत होती है, जो नर्सिंग काउंसिल जारी करती है। लेकिन अगर कॉलेज के पास सरकार से मंजूरी नहीं है, तो छात्रों को यह नंबर नहीं मिलता। ऐसा ही मामला 2022 में उदयपुर के तिरुपति नर्सिंग कॉलेज में सामने आया। जहां मंजूरी रद्द होने के बाद सैकड़ों छात्र नौकरी से वंचित हो गए क्योंकि उन्हें RN नंबर जारी नहीं हुआ।

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